क्या आप high compitition keyword के लिए rank कराना चाहते हैं। क्या आप just dail और practo जैसी website को bit करना चाहते हैं, अपने website की उनसे better rank चाहते हैं। इस तरह के काम के लिए आप अपने Website के SILO structure को use कर सकते हैं।
इस post में SILO structure क्या है, कैसे use किया जाता है, क्या इसे wordpress में बनाया जाता है, क्या इसे blogger में बनाया जाता है। ऐसे ही कुछ प्रश्नों के उत्तर इस post में जानेंगे।
SILO structure क्या है
SILO structure एक ऐसी stetergy है, एक ऐसा architect है, एक ऐसा framework है जिसमें आप website पर बनाते हैं। Website में आप अपने content को, post को one by one hirarchy में logically exist करते हो जिससे आपकी website का जो home page का link juce वो आपके money page में equally distribute हो, जिससे आपको ranking मिले।
SILO structure का उदाहरण
SILO structure को समझने के लिए एक बहुत छोटी trick आप use कर सकते हैं। मान लीजिए आपके पास एक पौधा है। पौधा जब बढ़ेगा ( horizontal grow ) तो या तो उपर की और बढ़ेगा या बेल कुछ तरह जमीन पर ( vertical grow ) ही फैलेगा।
कोई भी चीज या तो horizontal grow करती है या vertical grow करती है। Website जब horizontal grow करती है। यानी उनके content का structure horizontal होता है तो उसे flat structure कहते हैं। जब कोई website vertical grow करती है तो उसे SILO structure कहते हैं।
SILO word बनता है SILAGE word से । SILAGE उस चारे को कहा जाता है जो सर्दियों में जानवरों के खाने के लिए बचाया जाता है।
English language गई है urope से, जहां सर्दिया लम्बी और कड़ी होती है। जब साल में 8 महिने बर्फ पड़नी हो तो गर्मी के दिनों में लोग घास वगैरह इकट्ठा करके और जमीन में गहरे गहरे गड्ढों में दबाकर रख लेते थे। बाहर दंड होती थी लेकिन जमीन में काफी गर्मी होती थी।जहां ये चारा safe बना रहता था और लम्बी सर्दी में जानवरों को यही चारा खिलाया जाता था।
तो ये गर्मी का बचाया हुआ जानवरों का चारा होता था उसे SILAGE कहते थे और जिन गड्ढो में SILAGE को रखा जाता था उसे SILO कहते थे।
SILO structure के क्या फायदे हैं
1. एक subject, एक topic लेते हैं। एक Keyword पर खुब सारा content लिखते हैं। एक ही subject या keyword की जितनी releted keyword है उन्हें अपने content में use कर लेते हैं।
उदाहरण के लिए आपका keyword है चाय बनाना, तो आप सारे pages में सिर्फ चाय बनाने के उपर नही लिखेंगे। उसमें चाय कैसे बनाते हैं, चाय कितने की तरह की बनती है। कौन कौन से नये flavour market मे आए हैं। इन सब छोटे छोटे keyword को आप cover करेंगे।
2. एक ही topic या keyword पर बहुत सारा content आपको search engine के सामने आपके expertise को दिखाने का मौका देता है। आपकी एक ही website है जिस पर user को एक ही topic और keyword को देखने की permission मिल रही है तो search engine उसे किसी ओर website को क्यों recommend करेंगे।
3. एक normal user जो आपकी website के किसी एक page पर आता है। उसके पास ओर ज्यादा information लेने के लिए आपके website पर ही option है। आप एक visit को की visit में change कर सकते हैं। और जितना ज्यादा time कोई visitor आपके website पर spend करता है उतना ज्यादा आपके लिए benificial रहेंगा।
4. SILO आपके domain और internal pages को page rank मिल रही है उसे distribute करने में आपकी help करती है।
5. SILO से website का structure descipline हो जाता है। आप business website बना रहे हैं तो एक structure होना जरूरी है। अगर आप professionaly blogging कर रहे हैं तो भी एक structure का होना जरुरी है। SILO से आपको website को एक सही structure मिलता है।
SILO structure को कैसे बनाते हैं
Website सिर्फ बनाना नहीं शुरू कर देना चाहिए बल्कि planning करना जरूरी है। मान लीजिए हमारा keyword चाय है। इसे सबसे उपर वाले box में रख देते हैं। ये हमारे Website का home page है। अब हमें इसके लिए SILO बनाने है।
तो सबसे पहली branch हो सकती है, how to make tea, फिर हो सकती है flavours of tea, फिर हो सकती है tea in different country और फिर new tea flavour हो सकता है।
पहले box how to make tea के निचे आप की सारे boxes बना सकते हैं। हर box एक page को represent कर रहा है। एक हो सकता है how to make masala चाय, दुसरे में हो सकता है how to make elaichi चाय, तिसरे में हो सकता है how to make गुड चाय इत्यादि।
Subtopic का एक page, और उस मे आप बढ़िया सा content लिखेंगे। Text, Image और video हो तो ओर भी अच्छा है। ऐसा page जिसको पढ़ने वाला चाय की महक सुंघने लगे। तो इसी तरह से सारे boxes की जगह आप pages बना लेंगे। इस तरह चार SILO बन जाते हैं।
एक बार आपके pages बना जाएं तो फिर आपका असली काम शुरू होंगा। अभी तक आपने content लिखा है। जैसा हर कोई करता है। ये boxes बनाने से आपके website में actually structure नहीं आऊंगा। Structure interlink से आएगा।
तो interlink कैसे करेंगे आपका home page link होंगा how to make tea से, how to make tea page link होगा, how to make वाले सारे pages से। लेकिन एक SILO का page दुसरे SILO को link नहीं देना। सिर्फ ये home page ही इनमें से किसी page के साथ intract कर सकता हैं।
SILO structure link quality क्या है
आपका website का एक page है। उसमे एक content ,header, footer और sode bar होता है। जब आपका ये page load होता है तो उपर का part screen पर सबसे पहले दिखाई देता है। इसे ab up the fold content कहते हैं।
इस part में जो link है वो best quality link है। बिच वाले part वाली link midium quality की होती है। और सबसे नीचे वाले part link low quality link होती है।
इस silo में जब ऊपर वाला page अपने है निचे वाले pages को link देगा तो वो best quality link देना। और जब निचे वाले pages आपने से ऊपर वाले pages को link देंगे तो वे lowest quality link देंगे। और इन SILO pages है एक दुसरे को वे link देंगे तो वे medium quality link देंगे।
इसका कारण home page को सबसे ज्यादा link मिलती है। इसमें page rank आ रही है। हमारा target है कि ये निचे के pages तक पहुंचे ना की इन pages के पास जो page rank है।
क्या आपको structure affiliate या blog के लिए use किया जा सकता है
हां बिल्कुल, उपर जो structure बनाया है उसमें आप चाय कि जगह कोई और चीज़ रंग दिजीए। एक एक step को follow करें और आपकी website पर SILO structure बन जाएंगा। आप इस structure को blog या affiliate के लिए use कर सकते हैं।
क्या SILO structure के लिए pages को use करना चाहिए या सिर्फ post को
Post के publish होने की date होती है। Post का एक writer होता है। Post की category और tags होते है। लेकिन page में ये सब नहीं होता, इसी वजह से pages के उम्र का पता नहीं होता है। Pages timeless होते हैं। इसलिए pages का उपयोग करें।
SEO और pillar page में क्या different होता है
SILO एक structure है। Pillar page एक page है।अगर how to make tea page में इसके नीचे आने वाले pages में सारे या बहुत सारे pages का link डाल दें तो ये बन गया pillar page। अगर इस how to make tea page में सारै pages के link डाल दें तो भी ये pillar page बन जाएंगा।
जिस भी page में आप बहुत सारे pages को link करेंगे वो pillar page बन जाएंगा। पर SILO अपने आप में एक structure है। SILO एक room है, pillar page उसमें रखा furniture है।
क्या SILO से click depth बढ़ जाती है, क्या ये SEO को नुक़सान करेंगा
Click depth user के page तक पहुंचने तक गिनी जाती है। अगर आपके अधीकतर user home page पर visit करता है तो आपके SEO campaign को widel करने कुछ जरुरत है। ताकि आपके internel pages भी rank करें। उन्हें भी search engine से traffic मिले।
क्या इसे blogger में भी use कर सकते हैं
हां, internal link blogger पर की जा सकती है। आप SILO बनाने का procedure रहा पर उसी तरह कर सकते हैं जिस तरह से किसी ओर website पर करेंगे। आपको सिर्फ plan करने की जरूरत है। आपको internal link करने की जरूरत है।
निष्कर्ष
मुझे आशा है कि SILO structure क्या है और SILO structure कैसे बनाएं ये आपको समझ में आ गया होगा। और ये post आपके लिए उपयोगी होगी। अगर आपको ये post अच्छी लगी है तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे।


