Web 3.0 क्या है , इसके क्या फायदे हैं

इस post में हम बात करेंगे web 3.0 के बारे में जो हमारे future का सबसे बड़ा part बनने वाला है। ये एक futureasive consept है जब हम घर बैठे money earn कर पाएंगे। बस जरूरत है सही knowledge gain करने की और उसे सही जगह apply करने की।

Web 3.0 क्या है , इसके क्या फायदे हैं


इस post मे हम web 3.0 का concept एकदम easy तरिके से explain करेंगे और web 3.0 के हर consept को cover किया जाएंगा। और कैसे हम इसका फायदा उठा पाएंगे।

Web 1.0 क्या है

अगर आज की तारीख में हम देखें तो हर website 2.0 ही है। 2.0 term को Darcy DiNucci 1999 मे इजाद किया था। Internet के शूरुआती दौर में website static होती थी। जो webmaster नै लिख दिया वहीं उसे पढ़ा जाता था। कोई इसमें छेड़छाड़ नहीं कर सकता था।

Web 2.0  क्या है

पर धीरे धीरे ऐसी website आनी शुरू हो गई जिनमें user comment कर सकता था, post कर सकता था, rating दे सकता था। और इसमें उस समय revolutionary change था, 1999 में internet पर किसी website पर comment कर पाना। लोगों ने ऐसी website को नाम दिया 2.0।

1999 से अभी तक काफी सारा समय निकल चुका है।हर website 2.0 ही है। Unless आप किसी सरकारी website कहे जो अभी भी best viewed in internet explorer in 1.02,x 720  resolution के सहारे टिकी हुई है। Web 2.0 की अब कोई जरूरत नहीं है। 

Web 1.1 होती थी normal static website, web2.0 मतलब dynamic website जिनसे user intract कर सकता हैं, comment कर सकता हैं, game खेल सकता है। Google भी 2.0 site है , कोई भी search कर सकता हैं । 

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Web 3.0 क्या है

Web 3.0 इन website के feature के base पर ये decide नहीं किया जा सकता। 3.0 कि major element होंगा, web centralisation, अभी internet काफी बंधा हुआ है।  जैसे आपको एक website बनानी है तो सबसे पहले domain name चाहिए। Domain name ICNN resister करता है। ये  आप  GoDaddy से खरिदे या name cheaf से, या Google domain से। सारे domain altimate ही ICNN के पास ही  register होते हैं। तो हो गया न ये एक बंधा हुआ structure, जिसमें control सिर्फ एक ही के पास है। 

अगर आपको अपनी website post करनी है तो किसी server पर ही करनी होंगी। अगर वो server company चाहे तो आपकी website को कभी भी बंद कर सकती हैं। तो हो गया न ये एक बंधा हुआ structure।

Web 3.0 decentralise होंगा। यानी की उसका control किसी एक के पास नहीं होंगा, बल्कि सभी के पास होंगा। इस decentralise web को power blockchain technology  देना। Blockchain में data किसी एक server या एक location पर नहीं होता है। बल्कि हर network पर थोड़ा थोड़ा होता है।

तो अगर कोई इस data को बदलना चाहता है, उसमे कोई ग़लत change करना चाहता है तो आखिर कैसे करें। क्योंकि कोई एक बार में एक server को hack करके  data change किया जा सकता है, दो चार, दस ,बारह server का data change किया जा सकता है। लेकिन सारे computer का data कैसे change किया जा सकता है।

हम तीन अलग अलग चीजो को देखेंगे। अलग type के domain, अलग type के hosting और अलग type के data।

आपको .com, .net, .org, पता ही होंगा। .xtld किसै पता है। .x, .ngt, . bitcoin, . wallet, .888 ये सब MFT domain है। ऐसे domain TLD है जिन्हें आप GoDaddy किसी registrar से नहीं खरिद सकते हैं। ये domain ICANN के पास नहीं होते हैं बल्कि इनका record होता है blockchain में।

NFT domain के क्या फायदे हैं

1. आपको हर साल renew नहीं करना पड़ता है। आपको इसे सिर्फ एक बार लेना है। 

2. इसे सिर्फ website के लिए use करने की मजबूरी नहीं होती है। आप चाहें तो website के लिए use कर सकते हैं। वरना आप इसे bitcoin adress हु बना सकते हैं। social media handle का url बना सकते हैं।  

3. .x या .NFT वाली website क्या किसी भी normal server पर आप host नहीं कर सकते हैं। जहां आपकी file store होंगी वो कोई एक server नहीं होंगा बल्कि network के हर system पर थोडी थोड़ी files होंगी जिन्हें एक system manage करेंगा और यह system IPFS inter plantry file system होता है। 

आपकी website की file पुरे network पर बिखरी होंगी जिन्हें IPFS system # के base पर आपकी website को track करेंगा। उन्हें अलग अलग version के base पर देख पाएगा। इससे information का control सबके पास हो जाएंगा। 

Decentralise hosting के क्या फायदे हैं 

1. Serverless hosting - आपका data पुरे network पर है, किसी एक server पर नहीं है तौ आपको server की जरूरत ही नहीं होंगी।

2. Security - जब data किसी एक server पर है ही नहीं तो hacker किसे hack करेंगा। Virus किसे attack करेंगा। अगर किसी system में आपकी file currupt हो भी जाती है। IPFS system दुसरे file से compair करके बताएगा कि ये file currupt लग रही है। 

3. Privacy - आपका data किसी एक server मे नही है जिसका मतलब है कि आप जिसके साथ share करेंगे सिर्फ उसके पास जाएंगा। 

अलग type का data

अभी web का data word पर based है। Url, article सब keyword और word के चारों तरफ घुमाते पर 3.0 cementic होंगा। यानी कि entities पर based होंगा। entities यानी कि चीजें, लोग, जगह याने ऐसा जो real world में है। 

एक उदाहरण से आपको ज्यादा बेहतर तरीके से समझ में आ जाए। जैसे मेरे chennel नाम है गोपाल चौधरी पर गोपाल चौधरी कोई भी हो सकता है। किसी दूसरे person का नाम हो सकता है। किसी और channel का नाम भी गोपाल चौधरी हो सकता है।

अभी जो internet हैं वो word के उपर focus करता है, Keyword पर focus करता है। जो उतना accurate नहीं है। Web 3.0 entities पर focus करेगा। जो real world के ज्यादा करीब होंगे।

Metaverse technology क्या है

Metaverse technology future Technology है। आज दुनिया की जितनी भी बड़ी बड़ी çompanyies के engineer इस पर reaserch कर रहे हैं ‌‌‌की हम 3D reality का world बनाएं और उस vertual world के अन्दर काम करें।। ये fecebook का concept है। 

निष्कर्ष

NFT domain unstoppable domain पर जाकर आप NFT अभी खरिद सकते हैं। IPFS services भी already market मे है। Entities के उपर Google already focus कर रहा है। Web 3.0 आने वाला नहीं है पर धीरे धीरे आ रहा है। जरूरत है आपको थोड़ा catchup करने की, नये changes से अपने आप को updated रखने की। 

मुझे आशा है web 3.0 क्या है ये आपको समझ में आ गया होगा। अगर आपको ये post अच्छी लगी है तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे।


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